Ranjana sharma 07 Dec 2023 ग़ज़ल अन्य तेरी चाहत(Google) 45909 0 Hindi :: हिंदी
तेरी चाहत के दीवाने हो गए
हमें खबर भी नहीं कब हम तुम्हारे हो गए
बेरंग जीवन में कितने रंग भर गए
ख़्वाब जो देखे थें कभी आज सच हो गए
अनजानी राह में जीने की वजह मिल गए
कल कांटे बिछे थें आज फूल ही फूल बिछ गए
बेजान होठों पर एकबार फिर मुस्कुराहट आ गए
डगमगा रहे थें हम तुम संभालने आ गए
मत पूछो तुम्हें कितना चाहते हैं हम
बताने बैठे तो कम पड़ेगी ए उम्र तमाम
शादियों से रिश्ता जुड़ा है लगता है सनम
क्या कहें कितनी उम्मीद लगाए बैठे हैं हम
आंसू भी निकल आती है कभी खुद को देखकर
क्या होगा इस खुशी को नजर लग
जाए इस जमाने की अगर
गम के चादर में लिपटे थें हम
आज मिली है खुशी कहीं जाकर
जिंदगी तो यूं ही कट रही थी हमारी
सूखे पत्ते की तरह हो गई थी जीवन हमारी
तेरे आने से जागी है दिल में अरमान नई
बिन पर के ही उड़ रहे हैं पूरे नीले आसमान में कहीं
देखो खुशियां देकर तुम भी गुम ना हो जाना कहीं
अब मुरझाए तो फिर ना खिलूंगी किसी बाग में कहीं
धन्यवाद🙏