मोती लाल साहु 27 May 2026 ग़ज़ल अन्य #रूहानीग़ज़ल (Spiritual Ghazal) #गुरुभक्ति (Devotion to Guru) #सूफ़ीयानाशायरी (Sufi Poetry) #आत्मज्ञान (Self-Realization) #मियांमोती #साधनाऔरसत्य * #GhazalLovers 8780 0 Hindi :: हिंदी
वफ़ा की बन के सौग़ात आ गया है, कि ख़ुद चल कर वो मंज़िल पास आया है। मज़ाहिब से बहुत ऊपर है ये रुतबा, तू सब जीवों में बन कर ज्ञान आया है। ज़रा चेतन गुरु की माया तो देख, खड़ा है द्वार पर, अब जाग, साया है। तेरा घर है वही, जहाँ पिया का साथ, करम का वक़्त अब तेरे पास आया है। झुका दे सर 'मियाँ मोती' हुज़ूर आगे, शहंशाहों का देखो शहंशाह आया है। -मोती