नागमणि कुमार सिंह 25 Aug 2026 कहानियाँ समाजिक ऊँच-नीच 4622 0 Hindi :: हिंदी
कहानी
ऊँच-नीच
बिहार राज्य के नालन्दा जिले में रसलपुर नाम का एक गाँव है जहाँ भिन्न- भिन्न जाति के लोग रहते है I उच्च जाति की आबादी ज्यादा है जबकि निम्न जाति की आबादी बहुत कम हैI गाँव में ज्यादातर किसान है और कुछ मजदूरी का भी काम करते है I गाँव में एक बड़ा स्कूल हैं I जिसमें गाँव के बच्चे पढ़ते हैं I उमेश एक किसान है जो उच्च जाति से आता हैं I उसका बेटा मुन्ना शहर में रहकर पढ़ाई करता हैं I वह कभी-कभी ही गाँव आता हैं I यदि वह गाँव आता है तो अपने पिता का खेती के काम में भी हाथ बँटाता हैं I
बसंत का मौसम है I खेतो में हरियाली हैI सरसों के फूल खेत की शोभा बढ़ा रही हैं I गेहूँ की बाली निकलने वाली हैI किसान अपने-अपने खेत में घूमकर फसल का मुआइना कर रहे हैं I आम में मंजर आ चुका है I कोयल गा रही हैं I मजदूर खेतों में काम कर रहे हैं I उमेश भी कुछ मजदूर लेकर अपने खेतों में सिचाई का काम कर रहा हैं I मुन्ना भी घर आया हुआ हैं I वह भी पिता के साथ खेत पर हैं I
मुन्ना मन ही मन सोच रहा है ,” गाँव का अपना मजा है, खुली हवा में सांस लेने को मिलता हैं I खेतों की हरियाली मिलती हैं, फूलों की सुगंध मिलती है I आम के मंजर मिलते है, कोयल की आवाज सुनाई देती हैं I इसके उलट शहर में धूँआ ही धूँआ नजर आता हैI रोड पर गाड़ी ही गाड़ी नजर आता हैं I लोग इधर से उधर भागते नजर आते हैं I भला यह कोई ज़िंदगी होती है “I तभी उसकी नजर दूर से आती हुई एक सुंदर कन्या पर पड़ी I वह मुन्ना के खेत की तरफ बढ़ती हुई आ रही थी I मुन्ना उसे देखे जा रहा था I वह लड़की मुन्ना के खेत पर आकर रुक गयीI उसके सिर पर एक पोटली थी I उसने अपने पापा को पुकारा ,”पापा-पापा हम आपके लिए खाना लाये हैं” I मुन्ना के खेत में काम कर रहा एक मजदूर जिसका नाम सुदामा है ने कहा,”वही रुको हम आते हैं “ I सुदामा एक मजदूर हैं और वह मजदूरी करके अपनी बेटी माला और पत्नी का भरण पोषण करता हैं I
मुन्ना गौर से माला को देखता रहा I आवाज में मधुरता है I रंग-रूप सुंदर है I बाल लंबे है I चाल तो मोरनी जैसी हैं I कद लंबी हैं I यह सब मुन्ना सोच ही रहा था कि पिता ने आवाज लगाया और कहा कि ,” मुन्ना, अब खाने का समय हो गया है I अब हम दोनों चलते है और खाना खाते हैं I दोनों घर की ओर प्रस्थान कर गए I
मुन्ना को रात में नींद नहीं आ रहा है I वह माला के बारे में सोच रहा है I गाँव की अपनी एक छवि होती है जैसा यहाँ का वातावरन हैं Iवैसा ही यहाँ के लोग हैं I खेतों की हरियाली की तुलना वह माला के चेहरे की मुस्कान से करती हैं I कोयल की आवाज की तुलना माला के आवाज से करता हैं I गेंहू के बाली के झूमने की तुलना माला के बाल से करता हैं I सरसों की फूल की तुलना माला के हंसी से करता हैं I यदि हमारी शादी माला के साथ हो जाता है तो हमारे जीवन मे गाँव जैसा खुशहाली हो जाती I लेकिन हमारे माता-पिता इसके लिए तैयार होगें I हम उच्च जाति के हैं वह नीच जाति से है I हम तो शहर में पढ़ते है I हमे तो उच्च-नीच में भेद करना नहीं बताया गया है I शहरों मे तो प्रेम विवाह में जात-पात नहीं देखा जाता हैं I लोग गुण-अवगुण देखते हैं और एक दूसरे से परिणय बंधन में बंध जाते हैं I लेकिन यह तो गाँव है यहाँ तो सबसे पहले जाति देखी जाती है I क्या हम अपने माता-पिता को मना पाएगे ? क्या माला हमसे शादी के लिए राजी होगी ? क्या माला के पिता शादी के लिए राजी होगे ? समाज के लोग क्या बोलेगे ? हमारे पिता का समाज में बहुत इज्जत है I यदि ज्यादा बात बिगड़ेगी तो फिर पंचायत बुलाया जाएगा I पंचायत क्या फैसला देगा पता नहीं ? यही सब सोचते-सोचते कब उसे नींद आ गया उसे भी पता नहीं चला I
अगली सुबह वह फिर से अपने पिता के साथ खेत जाता है I वह सुदामा की काम का प्रशंसा करता है I मुन्ना माला के बारे में पूछता है I माला कहाँ तक पढ़ी है? माला खाना बनाना जानती है I माला क्या खाना पसंद करती है ? वह किससे ज्यादा प्यार करती है I सुदामा ने मुन्ना के हरेक सवाल का जबाव देता है I माला सिर्फ आठवी तक स्कूल गयी है I माला घर में अपनी माँ को खाना बनाने में सहायता करती है I माला को रोटी सब्जी ज्यादा पसंद है I इसी बीच सुदामा का खाना लेकर वहाँ माला आ गयी I फिर सुदामा ने मुन्ना से बोला बाकी सवाल तुम माला से ही पूछ लो I माला, मुन्ना के हरेक सवाल का जवाब दिया I माला और मुन्ना के बीच बहुत देर तक बातचीत होती रही I यही सिलसिला तीन-चार दिन तक चलता रहा I
माला भी मन ही मन मुन्ना को पसंद करने लगी I लेकिन कभी इस बात को व्यक्त नहीं किया I एक रात माला सोचने लगी कि क्या मुन्ना भी हमे पसंद करता है I देखने में तो बहुत सीधा हैं I सुंदर भी है I कद-काढ़ी भी ठीक हैं I शहर में पढ़ाई करता है I यदि वह हमे पसंद करता है तो कभी व्यक्त क्यों नहीं किया ? क्या वह उच्च जाति से है इसीलिए डरता है? इसका तो हमें भी डर हैं I हम नीच जाति से हैं I क्या मुन्ना के माता-पिता हमे अपना बहू बनाएगे I इस गाँव का इतिहास देखते हुए यह तो संभव नहीं हैं I हम तो अपने माता-पिता को मना लेगे, लेकिन क्या मुन्ना अपने माता-पिता को मना पायेगा ? फिर यह सोचने लगी कि यह सब बात छोड़ो पहले मुन्ना का कोई प्रस्ताव आएगा तो देखा जाएगा I माला अपने बिस्तर पर सो गयी I
अगली सुबह उमेश मुन्ना को यह कहते हुए शहर चला गया कि खेत में जाकर काम देख लेना I उस दिन सुदामा भी काम पर नहीं आया था I उसके बदले माला काम पर आयी थी I आज मुन्ना के पास माला से बातचीत करने का समय ही समय था I दोनों बहुत देर तक एक-दूसरे से बात करते रहे तभी मुन्ना ने अचानक बोल दिया हम तुमसे प्यार करते है I हम तुमसे शादी करना चाहते हैं I इस बारे मे तुम्हारी क्या रॉय है I पहले तो माला संकोच करने लगी फिर बोली हम भी तुम से प्यार करते है I हम भी तुमसे शादी करना चाहते हैं I
फिर मुन्ना ने बोला कि क्या हमारा समाज यह स्वीकार करेगा? क्या हमारे माता-पिता या तुम्हारे माता-पिता तैयार होगे I इस पर माला ने बोला हमारे माता-पिता तो मान जाएगे लेकिन आपके माता-पिता तैयार होगे I मुन्ना ने सुझाव दिया कि यदि हम हिम्मत से काम ले तो हम दोनों शादी कर सकते हैं I हम दोनों गाँव से भाग चलते हैं I शहर में जाकर कोर्ट में शादी करेगे और कुछ दिन हम दोनों वही रुकेगे I जब गाँव में मामला शांत हो जाएगा तो फिर वापस आ जाएगे I हमारे पास शादी का प्रमाण पत्र होगा तो हमारी पंचायत भी कुछ नहीं कर पाएगी I हम अपने माता-पिता को मना लेगे I
अगली सुबह मुन्ना और माला चुपके से शहर आ गए और दोनों ने कोर्ट में जाकर शादी कर ली I मुन्ना जहां पढ़ाई करता था वहीं जाकर रहने लगा I
उधर गाँव में तहलका मचा हुआ था I सब इसी बारे मे चर्चा कर रहे थे I इस गाँव का आज सबसे मनहूस दिन हैं I उमेश अपने घर मे बंद था I समाज के डर से बाहर नहीं निकल रहा था I समाज के ठेकेदार तरह-तरह की बाते कर रहे थे I कोई पंचायत बुलाने को कह रहा था तो कोई सुदामा को गाँव से बाहर करने की बात कर रहा था I कोई उमेश और सुदामा दोनों को गाँव से बाहर करने की बात कर रहा था I कोई मुन्ना और माला को बुलाकर पीटने की बात कर रहा था I गाँव में उच्च जाति का गुस्सा सातवें आसमान पर था I गाँव का मुखिया उच्च जाति से था I मुखिया के पास भी यह खबर गया I मुखिया को बहुत गुस्सा आया I उसने उमेश को तत्काल बुलाने के लिए कहा I उमेश मुखिया के सामने हाजिर हुआ I मुखिया ने उमेश से पूछा,” क्या यह बात सही है कि तुम्हारा बेटा मुन्ना,नीच जाति कि लड़की माला से शादी किया है?” क्या इसमे तुम्हारी सहमति है? हमारे समाज के लिए यह बहुत शर्म कि बात है I इसी बीच वहाँ बहुत लोग जमा हो गए I अधिकतर उच्च जाति से थे I उमेश ने जबाब दिया,” हाँ, मुन्ना ने हमारे खेत में काम करने वाला मजदूर सुदामा कि बेटी माला से शादी कि है लेकिन इसमे मेरी सहमति नहीं हैं I यह हमारे लिए भी शर्म की बात हैं I आप जो सजा देगे उसके लिए हम तैयार हैं I
मुखिया ने सुदामा को बुलाने का आदेश दिया I सुदामा भी मुखिया के सामने हाजिर हुआ I मुखिया ने सुदामा से पूछा कि यह जानते हुये कि तुम नीच जाति से हो तुमने अपने बेटी को घर में सँभाल कर क्यों नहीं रखा I क्या तुम जानते थे कि मुन्ना और माला में प्रेम प्रसंग चल रहा है? क्या तुमने माला को घर से भागने में मदद की है ? तुम्हें पता है इसकी क्या सजा हो सकती हैं ? तुम अपना जबाव दो I
सुदामा ने दोनों हाथ जोड़कर आग्रह पूर्वक कहने लगा,” महाराज हम तो नीच जाति से है, मालिक के खेत में मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण करते है I हमारी बेटी तो बहुत सीधी साधी थी I इन दोनों के बीच क्या चल रहा है इसका हमे बिल्कुल पता नहीं था I हमने माला को घर से भागने में कोई मदद नहीं किया हैI यदि महाराज को लगता है कि इस पूरे घटना में हमारी कोई भी गलती है तो आप जो सजा देगे हमे स्वीकार हैं I
दोनों की बात सुनने के बाद मुखिया ने अपना फैसला सुनाया I सुदामा को इस गाँव से सपरिवार निष्कासित किया जाता है I उमेश यदि अपने बेटा मुन्ना को त्याग देता है तो इस गाँव में रह सकता है I यदि मुन्ना को त्याग नही करता है तो उमेश को भी इस गाँव से निष्कासित कर दिया जाएगा I उमेश से इस बारे में पूछा गया I उमेश ने सोचा की हमारे तो दो बेटे है I यदि गाँव से निष्कासित किया जाएगा तो बहुत मुसीबत होगी I बदनामी भी होगी I यदि हम मुन्ना का त्याग कर देते है तो समाज में हमारी इजज्त बढ़ जाएगी I लोग मेरे नाम का मिसाल देगे की देखो अपने मान-सम्मान के लिए अपने बेटे को त्याग दिया I ऐसा व्यक्ति आज के कलयुग में नहीं मिलेगा I यही सब सोच कर उमेश ने मुन्ना को त्याग करने का फैसला किया I
अगले दिन सुबह सुदामा को सपरिवार गाँव से निष्कासित कर दिया गया I सुदामा पत्नी के साथ शहर की ओर चल पड़ा I जब सुदामा बस अड्डा पर शहर जाने के लिए बस का इंतेजार कर रहा था उसी समय मुन्ना और माला बस से उतरीI मुन्ना ने सुदामा का पैर छुआ और गाँव का हाल-चाल पूछा तो सुदामा ने पंचायत का फैसला विस्तार से सुना दिया I सुदामा फूट-फूट कर रोने लगा I अपनी बेटी को कोसने लगा I तब मुन्ना ने कहा यह सिर्फ आपकी बेटी ही नहीं है यह हमारी पत्नी भी है I अब हम आपके मालिक नही दामाद है I अब आपकी मुसीबत मेरी मुसीबत , अब हम सब मिलकर आगे का प्लान करेगे I अब मुन्ना और माला ने विचार किया की अब गाँव जाने से कोई फायदा नहीं है I हमारे पिताजी हमे त्याग दिये है और तुम्हारे पिताजी सपरिवार गाँव से निष्काषित है I ऐसा करते है कि हम चारों वापस शहर चलते है और वही कोई काम खोजेगे और जीवन यापन करेगे I चारों मिलकर शहर कि ओर रवाना हो गए I सुदामा वहाँ भी मजदूरी का काम करता I कभी-कभी माला भी मजदूरी करने चली जाती लेकिन मुन्ना प्रीतियोगिता परीक्षा कि तैयारी करता I कुछ ही दिनों में मुन्ना का चयन सरकारी सेवा में हो गया I उसे सरकारी आवास भी दिया गया I अब उसने सुदामा और माला को मजदूरी पर नहीं जाने देता था I चारों अब खुशी-खुशी शहर में रह रहे थे I
इधर उमेश कि तबीयत ठीक नहीं रहने लगा I पहले उसने बगल के शहर में इलाज कराया लेकिन कोई फायदा नही हुया I तब वहाँ के डॉक्टर ने उसे बड़े शहर में दिखाने का सलाह दिया I उसका छोटा बेटा बड़ा शहर दिखाने ले गया I वहाँ के डॉक्टर ने बताया कि उमेश की दोनों किडनी खराब हो गयी हैं I यदि स्थायी इलाज चाहते हो तो किडनी को बदलना पड़ेगा I जब तक किडनी की व्यवस्था नहीं हो जाता है तब तक हम इन्हे डायलेसिस पर जिंदा रखेगे I उमेश और उसका छोटा बेटा चिंता मे पड़ गया I उसका छोटा बेटा डॉक्टर के बताए हुए खर्च 5 लाख का इंतेजाम करने लगा I डॉक्टर ने ये भी बताया था की जिसका ब्लड ग्रुप ए पॉज़िटिव होगा उसी व्यक्ति का किडनी तुम्हारे पिता को लगेगा I उसने गाँव जाने को सोचा ताकि कुछ पैसा का इंतेजाम भी हो जाएगा और यह भी पता कर लेगे की हमारे गाँव में किसका किसका ब्लड ग्रुप ए पॉज़िटिव हैं I
अगले दिन उमेश का छोटा बेटा अपना गाँव पहुंचा I सबसे पहले उसने गाँव के मुखिया से मुलाक़ात किया I अपनी समस्या बताया I मुखिया ने कहा कि हमारे तो ब्लड ग्रुप ए पॉज़िटिव है लेकिन मैं अपना किडनी देने के बदले 5 लाख रुपए लूगा I यदि तुम तैयार होते हो तो कल हम शहर जाने के लिए तैयार हैं I उमेश का छोटा बेटा सोचने लगा जिसने हमारे परिवार को तोड़ा, उच्च जाति के स्वाभिमान कि बात कहकर पिता को बड़े भाई को त्याग करने के लिए मजबूर किया I वहीं व्यक्ति आज उच्च जाति का होते हुए भी सहायता करने के बजाय सौदा कर रहा हैं I यदि वह इसके लिए तैयार होता है तो उसे 10 लाख का खर्च आएगा I 5 लाख मुखिया को देना होगा और 5 लाख डॉक्टर को देना होगा I जो कि हमारे लिए अभी असंभव हैं I वह वापस शहर लौट ही रहा था कि उसके मन में एक विचार आया I क्यों न बड़े भैया से बात की जाय I भले ही हमारे पिता ने मुन्ना भैया का त्याग किया है लेकिन मुन्ना भैया का पिता के प्रति स्नेह और प्यार जरूर होगा I पिता की स्थिति देखकर वह जरूर आएगे I इससे हमारी कुछ मदद भी हो जाएगी I लेकिन मुन्ना भैया का न तो हमारे पास फोन है न ही उनका पता I फिर उसने सोचा की क्यों न समाचार पत्र में यह खबर प्रकाशित करा दिया जाए की उमेश नाम के एक व्यक्ति को किडनी की जरूरत है जिस भी व्यक्ति का ब्लड ग्रुप ए पॉज़िटिव है वह इस अस्पताल में संपर्क करे I उसमे पिता का फोटो भी दे देगे I उसने ऐसा ही किया I
अगली सुबह जब मुन्ना अखबार देख रहा था तो अचानक उसकी नजर इस तस्वीर पर पड़ी I तस्वीर देख मुन्ना के होश उड़ गए I यह तो हमारे पिताजी हैं I इनकी तबीयत इतनी खराब हो गया है की किडनी बदलने की नौबत आ गयी I मुन्ना ने यह बात माला को बताई I फिर चारों मिलकर उस अस्पताल की ओर रवाना हो गए जहां मुन्ना के पिता भर्ती थे I
वहाँ जाकर मुन्ना सबसे पहले अपने छोटे भाई से मिला I छोटे भाई ने सारी बात बताई I मुन्ना ने डॉक्टर से बात किया और चारों का ब्लड ग्रुप जांच करने को कहा I डॉक्टर ने चारों का ब्लड ग्रुप जांच किया तो पाया की सुदामा का ब्लड ग्रुप ए पॉज़िटिव है I सुदामा किडनी देने के लिए खुशी खुशी राजी हो गया I उधर मुन्ना ने 5 लाख रुपए का इंतेजाम कर लिया I डॉक्टर को किडनी ट्रांसप्लांट करने को कहा I किडनी का ट्रांसप्लांट सफल रहा I एक सप्ताह बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी I तब मुन्ना के पिता ने पूछा कि किडनी किसने दी है तो उसका छोटा बेटा सारी कहानी बताया कि सुदामा ने आपके लिए किडनी दी है I तब उमेश ने अपना गाँव छोड़ने का फैसला किया और अपने बड़े बेटे मुन्ना के साथ रहने चला गया I
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