akhilesh Shrivastava 30 Mar 2023 कविताएँ हास्य-व्यंग *आँख की महिमा * 85902 0 Hindi :: हिंदी
आँखों का है खेल निराला |
सुन लो भैया सुन लो लाला ||
आँखों का काजल लुट जाये |
तुमको पता नहीं चल पाये ||
चोट लगे तो आँखे रोतीं |
नींद आये तो आँखे सोतीं ||
आँखों आँखों में ही देखो |
प्यार मोहब्बत हो जाती है ||
आँखों से जब होएं इशारे |
सुनो मोहब्बत हो गई प्यारे ||
जब मोहब्बत हो जाती है |
नींद आँखों की उड़ जाती है ||
आँखों से आखें मिल जायें |
दिल का चेन तभी लुट जाये| |
|पत्नी जब गुस्सा हो जाये |
हमको तुरत आँख दिखाए ||
पत्नी जो आँखें दिखलाये |
अपनी आखें तुरत झुकाएं ||
आँखें जब हम से शरमाएं |
समझो लज्जा वो दर्शायें ||
पत्नी जब आँखे मटकाये |
जेब तुम्हारी कट ही जाये ||
पत्नी को खुश रखना है तो |
रखो आँख को सदा झुकाए ||
जब हम कभी दुखी हो जाएँ |
आँखों में ही आंसू आयें ||
और खुशी के मौके पर भी |
आँखों में ही आंसू आयें ||
रचियता :------ अखिलेश श्रीवास्तव
I am Advocate at jabalpur Madhaya Pradesh. I am interested in sahity and culture and also writing k...