Ranjana sharma 30 Jul 2023 कविताएँ दुःखद दिल तो मेरा तूने दुखाया था# Google# 32303 0 Hindi :: हिंदी
दिल तो मेरा तूने दुखाया था
जब तूने मुझसे मुंह फेरा था
दर्द भी अब मुझको ही क्यों हो रहा
जब दिल तुझसे दूर जाने को तैयार रहा
रिश्ता दिलों का कैसे जुड़ गया है
तोड़ने से भी ए टूटता नहीं है
कल दूर होके भी कितने पास थें हम
आज पास होके भी अंजान है हम
सदियों से हम तो यही सुन रहे हैं
मोहब्बत करने वाले सितम झेल रहे हैं
लवों की हंसी बनके आया क्यों था
जब तुझको पतझड़ बनकर जाना ही था
मेरी मुस्कुराहट का वजह भी तू था
मेरी खामोशी का वजह भी तू है
मैंने संजोया था एक एक पल को
एक ही पल में तोड़ा है तूने इसको
धन्यवाद