Ranjana sharma 13 Jul 2024 कविताएँ प्यार-महोब्बत #Sad Kavita# Dard Bhari Kavita 😭# 29819 0 Hindi :: हिंदी
जुदाई का जिक्र होते ही
मन में एक बेचैनी सी हो जाती है
प्यार उन्हें भी था ,प्यार मुझे भी था
पर दिल में एक रुसवाई सी छा जाती है
हम मिले थें ऐसे जैसे
कभी जुदा ना होगें
शुरू में बातें इतनी होती थी
कि ऐ बातें कभी ख़त्म ना होगें
पर देखो ना आज
वो कहीं और हम कहीं गुम हो गए
यादों के पन्नों में हम कैद होकर रह गए
अब तो परछाई भी नजर नहीं आती
इतने दूर हो गए
एक तूफान जो उठा था दिल में
वो तूफान वहीं थम गए
एक लहर सी उठी थी तन बदन में
वो लहर वहीं ठहर गए
अब तो ऐसा लगता है मानों
कोई जिस्म से रूह निकालकर चला गया
कभी फुरसत मिले तो आ जाना
मेरे कब्र पर
तेरा इंतजार अब भी मुझे रह गया
धन्यवाद