Ranjana sharma 02 Aug 2023 कविताएँ दुःखद जा रहे हैं अब तेरी दुनियां से बहुत दूर#Google# 62957 0 Hindi :: हिंदी
जा रहे हैं अब तेरी दुनियां से बहुत दूर
लौट कर ना आयेगे ओ मेरे हुजूर
तेरी दुनियां में हर कदम पे
धोखा और फरेब है
जिसमें मेरा ना कोई वजूद है
तुम्हें हमने क्या सोचा था
और तुम क्या निकले
जीता जागता खुदा माना था
तुम तो पत्थर की मूरत भी ना निकले
बेवफाई का अच्छा सबूत दिया तुमने
दिल पे मरहम ना लगाया
जख्म का निशां छोड़ दिया तुमने
हम अपनी दुनियां में खुश थें
क्यों तुमने झूठा ख्वाब दिखा ठग लिया हमें
ऐसी भी क्या दुश्मनी थी
जो जीते जी मार दिया हमें
धन्यवाद🙏