Vikas Yadav 'UTSAH' 12 Apr 2023 कविताएँ देश-प्रेम काश ऐसा होता विकास यादव उत्साह कविता साहित्य लाइव हिन्दी कविता विकास यादव कविता विकास यादव। उत्साह कविता ऐसा होता 16640 0 Hindi :: हिंदी
शीर्षक - काश! ऐसा होता
काश अगर मैं डॉक्टर रहता
बिन पैसा दु:ख कोई न सहता,
करता मैं सबका सम्मान
खास रखता निबलों पर ध्यान।
काश अगर मैं नेता होता
देश कभी ना बिकने देता,
करता मैं सबका कल्याण
कभी न आती वतन पे आच।
काश अगर मैं शिक्षक होता
ना खो कर भी बहुत कुछ देता,
बड़े- बूढ़े, बच्चे नायाब
सब झुक कर करते सलाम।
काश अगर मैं कवि हो जाता
काव्य के पीछे कर्म उठाता,
निराशे मन को डोर दिखाकर
उत्साह की पतंग अनंत ले जाता।
काव्य - विकास यादव "उत्साह"