महेश्वर उनियाल उत्तराखंडी 19 Jun 2026 कविताएँ बाल-साहित्य #महेश्वरउनियाल #कविता 3455 0 Hindi :: हिंदी
‘‘खिचड़ी की धूम’’ आओ खिचड़ी की धूम मचायें अपना कीमती समय बचायें। विद्यार्थियों की फेवरेट है, खिचड़ी स्वाद की ऐवरेस्ट है, खिचड़ी। इसे खाने से कोई गम नहीं है किसी व्यजंन से यह कम नहीं है। जल्दी पेट को भरती है खिचड़ी गैस की खपत कम करती है खिचड़ी। झट पानी में चावल डालो नमक, हल्दी में इसे उबालो। छण भर में पक आयी खिचड़ी प्लेट में निकाल कर, फिर खायी खिचड़ी। लेखक- महेश्वर उनियाल 7579155644