Shubhashini singh 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य Google 143975 0 Hindi :: हिंदी
माँ
जो घर की नीव हैं, वो हैं माँ
जो घर की नीव हैं, वो हैं माँ
जो दुसरो की खुशी के लिए अपनी खुशी
कुरबान करती है ,वो हैं माँ
खुद की जिन्दगी दूसरो के ऊपर नेवछावर
करती हैं, वो हैं माँ
जो अपनी हर इच्छा को अपने
परिवार के लिए
समेट लेती हैं, वो हैं माँ
जो दुसरो की खुशी के लिए अपने गम
भूला दे ,वो हैं माँ
जो हमें दुनिया दिखती हैं ,वो हैं माँ
और क्या क्या लिखूं आपके बारे में,
जितना भी लिखु कम हैं माँ
आपके जैसा इस दुनियां में कोई नहीं हैं माँ.....
सुभाषिनी सिंह