Ranjana sharma 19 Feb 2024 कविताएँ दुःखद मत पूछो मेरे हाल दिल का# Google# 50921 0 Hindi :: हिंदी
मत पूछो सनम मेरे दिल का हाल
तुम बिन कैसे जीते हैं
मजबूरी है ,तन्हाई है
फिर भी चुप हम रहते हैं
भीड़ में जानम हंसते है हम
पर तन्हाई में रो लेते हैं
कम जितना भी करते गम
वो आंसू और देते हैं
तुझे तो याद नहीं आते हैं हम
पर मेरा दिल तेरे लिए ही धड़कता है
तू जहां भी रहे आबाद रहे
रब से बस यही दुआ करते हैं
तेरी जिंदगी माना किसी
और की अमानत है
पर मेरी सांसे सिर्फ
तेरे लिए ही चलती हैं
तुमने हमसे वादा किया था
तुम ना भूलोगे मुझको
फिर कैसे भुला दिए
मुझ पे तो तेरा ही सुरूर छाया है
आदत लगाकर अपनी
चले जाते हो छोड़कर मुझे
ऐसा ना हो एक दिन
जब तू आए और मैं
ना मिलूं तुझे उस राह पर
धन्यवाद🙏