Shubhashini singh 30 Mar 2023 कविताएँ समाजिक Google /Yahoo/Bing /instagram/Facebook/twitter 71921 0 Hindi :: हिंदी
मैंने क्या बिगड़ा था जो मुझे इस नज़रिए से देखा जाता है मैंने क्या बिगड़ा था क्या ये गलती है मेरी की मै एक गरीब हूं तो क्या मेरी कोई एहमियत नहीं है मेरी कोई इज्जत नहीं है क्या मेरा कोई शौक़ नहीं है या मेरे कोई सपने नहीं है फिर क्यों मुझे तुच्छ नजरो से देखा जाता है फिर क्यों मुझे इज्जत नहीं दिया जाता है मैं भी एक इंसान हूं क्यों नहीं ये दुनियां देखती क्या इसलिए की मै गरीब हूं ....