Chinta netam " mind " 02 May 2023 कविताएँ समाजिक 16619 0 Hindi :: हिंदी
# नमस्कार .... रात में रात-रानी ... दिन में खिले सूरजमुखी ... अगर-मगर किंतु-परंतु ... इसलिए किसलिए ...? हम भी दुखी तुम भी दुखी .....! चिन्ता नेताम " मन " डोंगरगांव (छ. ग.)
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मैं अपनी भावनाओं को कागज के पन्नो पर ल�...