Meena ahirwar 05 Apr 2025 कविताएँ समाजिक कविता- नारी शक्ति का स्वरूप 22016 0 Hindi :: हिंदी
थोड़ी सी ख़ुशी देख , हर तकलीफ़ भूल जाती है वो नारी है, इसीलिए तो शक्ति का स्वरूप कहलाती है डरती है,टूटती है, लेकिन उतनी ही साहस से उठ खड़ी हो जाती हैं, क्युकी वो नारी हैं , इसीलिए तो शक्ति का स्वरूप कहलाती है परिवार को बड़ी ही कोमलता से सजाती हैं चाहें जितनी ही चुनौती क्यों ना आये वो माँ शक्ति का स्वरूप वो बन जाती हैं नाम - मीना अहिरवार, जिला - छतरपुर (म.प्र)..