Chinta netam " mind " 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत प्यार मोहब्बत इश्क 51270 0 Hindi :: हिंदी
//...प्रेम-निवेदन...//
दिल में लगी है ,
आग मेरे
तुम सावन ,
बन जाओ ना...!
तन प्यासा है ,
है मन प्यासा
तुम प्रेम सुधा ,
बरसाओ ना...!
मंजिल से ,
मैं दूर खड़ा
क्यों लगता है ,
मुझको ऐसा...?
मैं उलझा हूं ,
पर्वत से ?
तुम रास्ता ,
बन जाओ ना...!
टूटी हैं क्यों ,
कलियां सारी
खुशबू भी है ,
खोई सी...!
पतझड़ है यह ,
दिल का गुलशन
तुम इसे ,
महकाओ ना...!
रात हुई पर ,
चांद ना निकला
सुबह का सूरज
किसने है देखा...!
अंधियारा है ,
जीवन में मेरे
तुम उजियारा ,
बन जाओ ना...!
चिन्ता नेताम " मन "
डोंगरगांव ( छत्तीसगढ़ )