मोती लाल साहु 10 Oct 2023 कविताएँ समाजिक ए-आवारा बादल 35663 0 Hindi :: हिंदी
उड़े बादल- मनमौजी है ए-आवारा, सुखा कहीं बाढ़- फिरता है ए-आवारा,, नाना रूप हैं- जगत में खुशी कहीं गम, नाचे कहीं- किसान हैं देखो कहीं गम,, घूमड़-घटा- दमक-दामिनी ए-आवारा, थराहट कहीं- फटे बादल ए-आवारा,, उड़े बादल- मनमौजी है ए-आवारा.... उड़े बादल- मनमौजी है ए-आवारा"....!!!! -मोती