"मिट्टी की सोंधी खुशबू में बसी है ज़िंदगी,
गाँव के उस कुएँ में अब भी बचपन पड़ी है,
शहर की रफ्तार में बहुत कुछ पाया मगर,
जो अपनापन गाँव मे� read more >>
भक्ति की शक्ति:
आज से लगभग 8 साल पहले की बात है , में एक नाई के पास जाया करता था सेविंग बनवाने वह मेरे से दुनिया दारी की बाते करता और में उस� read more >>
कुण्डलिनी प्रकाश का दर्शन
आज से लगभग 10 साल पहले की बात हे | अपनी ग्रेजुएशन पुण कर लेने के बाद में बैंक में कार्य करने लगा , इस हेतू में बू� read more >>
देख रहां हु समझ रहां हु ,
हर इक इंसान झुटा हैं।
झूट फरेब हर कोई करता
सच का बस मुखोटा हैं।।
झूट झट से पकड़ में आता
मन मंदिर में कोई तोलें त� read more >>