दिनाक→ (07/12/2022) बुधवार, शायरी→ जलने वालों को अलविदा ही ठीक हैं।
शायार→ मोहम्मद फैजान सिद्धिकी'' पिता-रईस अहमद सिद्धिकी''
अजी जानाब ह� read more >>
दुख का साथी कौन है, सुख में तो सब साथ।
रहते हरदम हैं मजे, रहे कांत में माथ।।
दुख का साथी कौन है, पल पल लब पर राम।
सुख में साथी हैं सभी, दुख � read more >>