जब वो छण याद आते हैं,
मेरे पास से वो गुजर जाते हैं
मुझसे एक गुनाह सा होता है
हर बार मुझसे एक अपराध होता है
विवश हो जाता हूँ मैं उन छणों म� read more >>
कुदरत पनपता है हम सभी के बीच कभी मीरा बनकर तो कभी सरहद का शहीद उसके महक का पता होता है कुदरत को हर पल भूल जाए जमाना चाहे उसे कहानी समझ कर � read more >>