फटी झोपड़ी फटी केवाड़ फटी हुई छत के नीचे फटी हुई खाट पर सो रही थी मैं अपने मां के पास नेत्रहीन मेरी मां बोली लाडो ला पानी ,मैं झट खड़ी हो � read more >>
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प्रेरक कहानी*
👌*आत्मबोध* 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.... करण सिंह💐
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एक सिंहनी गर्भवती थी। वह छला read more >>
किन्नर हो तुम दूर रहो
ये शब्द कितना कडवा है.. ...
दुःख से भरे इस जीवन में अब कौन अपना है...
घर से तिरस्कृत हुऐ दुनिया से गिला क्या..
हर जगाह � read more >>
जीवन चलने का नाम है कभी भी यह जीवन रुकता नहीं है किसी के बिना कोई काम रुकता नहीं है जीवन में संभावनाएं तो इतनी है कि कदम कदम पर हमारे साम� read more >>