Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
थक हार कर पेड़ के नीचे, बैठ गई एक चींटी सोचने लगी, काश मैं भी होती इंसान मशीनें करती मेंरा सारा काम सोचते ही वह चींटी हो गई इंसान अपनों � read more >>
फटी झोपड़ी फटी केवाड़ फटी हुई छत के नीचे फटी हुई खाट पर सो रही थी मैं अपने मां के पास नेत्रहीन मेरी मां बोली लाडो ला पानी ,मैं झट खड़ी हो � read more >>
असत्य की हार तय है मानो, सत्य का पक्ष लेना है जागो। वीरता के पूजक बनो, लोभ, भीरुता, को अंतर्मन से त्यागो। ओझल दिखने वाले ये सब अंधियारे read more >>
कविता -मां को शीश नवाते हैं जिस मिट्टी की मूरति को, गढ़ गढ़ हमी बनाते हैं शाम सुबह भूखे प्यासे, उसको शीश झुकाते हैं सजा धजा कर खुद सुं read more >>
न्यनों में स्वप्न, चाहत्त में निष्ठा, और ज्ञान में सम्मान रखे! है चलत्ता रहा ले प्रेम धरा का, संघर्ष दिप्त्त अभीमान रखे!! ज़ो read more >>
साहब, सबकी पड़ती है पार। समय नहीं करता, किसी का इंतजार। वक़्त सब पर, करता है एतबार। जाते -जाते रह जाता, वही बनता सरदार। किसी के जाने से, read more >>
**************************************** प्रेरक कहानी* 👌*आत्मबोध* 💐प्रस्तुतकर्ता-सपनों का सौदागर.... करण सिंह💐 ***************************************** 👌 एक सिंहनी गर्भवती थी। वह छला read more >>
अब नए लोगों को जिंदगी में जोड़ने से डर लगता है किसी को बहुत ही करीब का कहने से डर लगता है बहुत समय लगता है किसी रिश्ते को दिल से जीने मे read more >>
किन्नर हो तुम दूर रहो ये शब्द कितना कडवा है.. ... दुःख से भरे इस जीवन में अब कौन अपना है... घर से तिरस्कृत हुऐ दुनिया से गिला क्या.. हर जगाह � read more >>
जीवन चलने का नाम है कभी भी यह जीवन रुकता नहीं है किसी के बिना कोई काम रुकता नहीं है जीवन में संभावनाएं तो इतनी है कि कदम कदम पर हमारे साम� read more >>
बहुत आसान होता है साथ छोड़ना लेकिन साथ निभाना उतना ही मुश्किल होता है किसी का साथ छोड़ना बहुत आसान होता है क्योंकि उसने भी कई वजहें मु� read more >>
कुछ कमी रह गई थी शायद मेरे प्यार में जिसका कभी मैंने इंतजार किया था मैंने हर गली मोहल्ले में अब न जाने क्यों दिल कहता है लौटा दो मे� read more >>
Join Us: