अगर कोई इंसान असमर्थ है या वो किसी कारण वश असहाय है उस पर भारी संकट आया है वो कहीं काम करने नहीं जाता है ना ही वो किसी कि मदद करता है और उस read more >>
युग युग है गाता यहां नारी का गुणगान|
बेटा बेटी में भेद नहीं बेटी भी इंसान ||
बेटे भी तो तोड़ते हैं उम्मीद का धागा|
श्री राम के दर पर बेटी � read more >>
समीरा अपने बैग को संभालते हुए बहुत ही तेज़ी से बस स्टॉप की तरफ आगे बढ़ रही थी ,कुछ देर बाद वह बस स्टॉप पर पहुंच जाती और बेसब्री से बस का इ� read more >>
‘कैसी लगी, लड़की?’ लड़की के घर से निकलकर बिचौलिये ने राजू से प्रश्न किया।
राजू को लड़की कुछ जमी; कुछ नहीं। वह फैसला नहीं कर पा रहा था कि read more >>