राधिका: आचनक से आँखे खुलती है । सामने देखती है तो कोई अनजान इंसान सामने अपना पकड़ कर बैठा है, और बोलती है आप कौन ?
सुमन: जी मेरा नाम सुमन है � read more >>
चक्कर है साहब, पड़ ही जाता है।
राई का बन जाता पहाड़, गढ़ी बन जाता है गढ़।
पाठा का नाटा बन जाता, पहाड़ का बने कंकड़।
मकड़ी फंसती मकड़ -जाल, read more >>