पंक्ति है मेरी छोटी पर सबके मन को भाती है, इस देश के हर युवाओं को एक ही संदेश सुनाती है, समृद्दिवान बनो गुणवान बनो देश का नाम ऊचाँ करके तु read more >>
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जहाँ टपका दुखी आँसू, वहाँ घायल हुआ शिक्षक ।
जहाँ टूटा सपन कोई, वहाँ पागल हुआ शिक्षक ।
दुखों की राह में जग को, अकेला छोड़ता है कब-
जहाँ दे� read more >>
एक बार "मैं" फिर से "मैं " होना चाहती हूं ...ना किसी की अपनी न किसी की पराई होना चाहती हूं.. इन अनजानी राह में खुद का "वजूद" ढूंढना च� read more >>
काश कोई इस सुने दिल में फिर से दीप जला जाए
अपनों की इस दुनिया में
अपनों की परिभाषा बतला जाए
कुछ सपने हैं, जो अपनों के हैं,
कुछ अपने हैं ,ज read more >>
एक बार मेघ आ रही है,
तो एक बार धूप आ रहा है।
यह आंख_मिचौली का खेल,
सुबह से चल रहा है।
मुझे लगता आज दोनों में ठनी है,
एक दूजे को हराने का,
भर� read more >>