देखा था एक लाचार मां को मन्दिर के बाहर लेती पड़ी थी।
चार चार बेटे होते हुए भी ,वो भूख से रो पड़ी थी ।
उसने अपने बेटो को कैसे पाला, ये कहान� read more >>
हे विधाता ! ए तेरी मेहरबानी है,🙏
तूने अधूरी लिखी जो मेरी कहानी है । 🖋️....
तारीफ ए लब्ज़ यूं कुछ खास कही जाती हुं,
कोई रंगीन सावन नही, पतझड� read more >>