कभी कभी मैं सोचता हु तुम मेरे बारे में क्या सोचते होगे,
यही सोचकर अजीब सी बेचैनी होती है ,
नही नही ये बेचैनी उस तरह की बेचैनी नही जो पीड़� read more >>
हीरा हियस होता है, लुट जाने के बाद।
परख होती है, सरक जाने के बाद।
आंसू आंकलन होता है, बहाने के बाद।
स्वाद याद आता है, बीत जाने के बाद।
दिन read more >>