कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिक, कई शत्रु सैनिकों को हताहत करता हुआ, अंत में घायल होकर धरती पर गिर जाता है तथा पवन के माध्यम से वह अपने घर � read more >>
और ,फिर ,मुझे लिबाज ,वो, पहनाया, गया, दोस्तो।
मैं ,दुनिया को सुन्दर ,हास्य ,कविता ,लगूं,।
मगर यह जो चार ,आंखें ,उस वक्त मुझे देखती ,होंगी,।
इन� read more >>
कविता -लालसा
लालसा न चाह का है ,जीवन में कुछ पाने को
लालसा न बड़ा बनू, न बहुत कुछ कर जाने को
छीन कर खुशियां किसी की, रोटियां दो वक्त की
म� read more >>
तुम और मैं
दोनों ही
अपने - अपने
अहम से "अ "
नहीं हटा पायें
तब अपूर्ण ने भी
अपना " अ "
हटाने से मना कर दिया
इसलियें
तुम और read more >>
अंतिम, आशा ,के, फूल,लूटा रही हूँ,।
कविता हूँ,।मैं,, देह ,अपना, जला कर।
पथ, के, अंधकार को डरा रही हूँ,।
बड़ी ,भयावह रही ,इक घटना ,।
कागज तो बहा,प� read more >>