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कल बेहतर होगा
कल बेहतर होगा आज वक्त तुम्हारा अच्छा नहीं, तो क्या हुआ — कल अच्छा वक्त भी आएगा। विश्वास रखो खुद पर, हर हाल में खुद की प्रशंसा करो। जब �
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कल बेहतर होगा
कल बेहतर होगा आज वक्त तुम्हारा अच्छा नहीं, तो क्या हुआ — कल अच्छा वक्त भी आएगा। विश्वास रखो खुद पर, हर हाल में खुद की प्रशंसा करो। जब �
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धन्यवाद, परमात्मा
विश्वास रखो, कोई है तुम्हारे साथ। तुम बेफिक्र रहो, कोई है तुम्हारे साथ। पूरी दुनिया हो जाए खिलाफ, लेकिन वो है — हर हाल में तुम्हारे स�
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जीवन की कहानी सांँसों में
जीवन की कहानी सांँसों में, सांँसों में समाई, आंँखों में तेरी ख़ुश्बू, जो दिल में है छाई। तू ही तो है मेरा हर श्वास, जो दिल में है छाई।
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"कर्म का फल"
आज जो भी कर रहे हो, उसका फल आज नहीं तो कल मिलेगा, ये प्रकृति का नियम है, जो बोओगे, वही एक दिन खिलेगा। इसलिए कर्म अच्छे करो, आलस को जीवन से
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"लोग क्या कहेंगे?"
कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना, तुम चाहे उड़ो आसमान में, या बैठो चुपचाप इस ज़मीन पर रहना। जो करोगे तुम अपने मन से, कहेंगे—"ये क�
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आप की आंखें क्यों नम हैं
पापा! मैं बेटी हूॅं कोई अपराध नहीं हूॅं आप की आंखें क्यों नम हैं? आप मेरे लिए भागवान हैं कौन कहता है? मेरी माॅं किसी देवी से कम है। मै�
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मैं नेता हूॅं
मैं नेता हूॅं न जानी क्यों? बार बार मां के मारने डांटने समझाने के बाद भी पांव स्वयं रुक जाता था खिंच जाता था स्कूल की राह से। न जा�
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भीड़
सत्य, न्याय, नियम, भीड़ बाढ़ में बह जाते हैं। वही सत्य समझ जाता, जो मूढ़ मुंड कह जाते हैं। भीड़ के रेले से, संहत शजर ढह जाते हैं। भीड़ �
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अंतर्मन कुछ कहता है (3)
ज्ञात तुझे कब करना क्या, फिर कुछ और अभी क्यों करता है समय समक्ष सब कहता है, फिर निर्णय लेने से क्यों डरता है काटी कितनी जंजीरें हैं, फिर
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आप को मेहनत करनी ही होगी,
आप को मेहनत करनी ही होगी, तब ही जीवन में फसल मिलेगी। कुछ किए बिना कुछ नहीं मिलता, सिवाय पछतावे के कुछ नहीं टिकता। पापड़ तो बेलने ही पड�
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बारिश आई, खुशियाँ लाई
बारिश आई, खुशियाँ लाई, ठंडी बूँदें छत पर छाई। धरती ने ओढ़ा हरा कंबल, प्रकृति ने गाया मीठा ग़ज़ल। लोग निकले छतों पर गाने, मन के तार लगे
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