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जालियावाला बाग श्रद्धांजलि बाग में गूँजी थी चीख़ें, रक्त से रंगी ज़मीं, वीरता की गाथा रची, शहीदों ने जो दीं। हुआ बलिदान अपार, सन्दे� read more >>
जंगल में शोर है, चारों ओर उत्सव है। आज भालू की शादी है, जंगल में मंगल है। देखो, बंदर कैसे नाच रहा है। खरगोश भी मिठाई बांट रहा है। ठुमु read more >>
जल ही जीवन है। जल से ही हरियाली है। क्यों इसे बर्बाद करते हो? क्यों नहीं तुम बात समझते हो? सोचो,अगर जल ना होता तब,जीवन कैसा होता! जब इ� read more >>
आओ प्रेमगीत गाएं, इन वादियों में खो जाएं। ना मैं कुछ कहूं ना तुम बोलो,बस आओ प्रेमगीत गाएं। जी चाहता है तुम्हारी नशीली आंखों में डू� read more >>
मैं तन्हा हूं। इस महफ़िल और फिज़ाओं में इन हसीं वादियों में मैं तन्हा हूं। कभी जो ख़्वाब देखा था, इन आंखों में। आज सब कुछ फना हो गया read more >>
यूं ही नहीं मिलती है सफलता इसके लिए, बहुत कुछ खोना पड़ता है। कर्म करते हुए कर्मठ बनकर मेहनत खूब करना पड़ता है। जिन्होंने भी सफलता प� read more >>
आज सब उदास हैं। पशु _पक्षी, पेड़ और पौधें। आज सब शांत और उदास हैं। नदी, निर्झरणी और खिलती कलियां। आज सब खोए _खोए से हैं। ये सुंदर नजारे read more >>
तुम्हारी यादें मुझे सताती है। हर पल तुम्हारे करीब लाती है। तुम्हें कितना भी भुलाना चाहूं, उतनी ही याद तुम आती हो। तुम्हें प्यार कि� read more >>
सब्र जाने है महोब्बत मे क्या क्या करना पड़ता है आ ही गया ना आख़िर सब्र तुम्हें भी आना ही था कोई और ज़रिया ही कहाँ था। कब तक लड़ते, कब तक read more >>
जब धरती पर धर्म का नाश हुआ, तब राम रूपी प्रकाश हुआ। तब भाग्य अवध के उदय हुए, जब मर्यादा पुरूषोत्तम प्रकट भए। प्रकृति तब प्रफूल्लित भ� read more >>
................................................................................................................................................................................. कब कब करू ख्याल तुम्हारा तुम तो हमारी यादो मे बसी हो कैसे कहे की आ� read more >>
थोड़ी सी ख़ुशी देख , हर तकलीफ़ भूल जाती है वो नारी है, इसीलिए तो शक्ति का स्वरूप कहलाती है डरती है,टूटती है, लेकिन उतनी ही साहस से उठ � read more >>
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