[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
कविताएँ
Home
Category
कविताएँ
ज़माने भर का
ज़माने भर का ग़म उठाए फिरते हो क्या रंज है जो छिपाए फिरते हो कभी तो आओ देहरी पर हमारे हर गम को भूल जाओगे शब से पहले गर मुस्कुराओगे तो ज�
read more >>
ढलती उम्र – एक एहसास
कभी जो कंधे दुनिया उठाया करते थे, आज खुद सहारे की तलाश में रहते हैं। जो कदम बेफिक्र हवाओं में उड़ते थे, अब हर मोड़ पर ठहरने लगते हैं। आ�
read more >>
ढलती उम्र – एक एहसास
कभी जो कंधे दुनिया उठाया करते थे, आज खुद सहारे की तलाश में रहते हैं। जो कदम बेफिक्र हवाओं में उड़ते थे, अब हर मोड़ पर ठहरने लगते हैं। आ�
read more >>
ढलती उम्र – एक एहसास
कभी जो कंधे दुनिया उठाया करते थे, आज खुद सहारे की तलाश में रहते हैं। जो कदम बेफिक्र हवाओं में उड़ते थे, अब हर मोड़ पर ठहरने लगते हैं। आ�
read more >>
गाँव – मेरी जड़ों की खुशबू
गाँव – मेरी जड़ों की खुशबू नंगे पाँव वो पगडंडी, अब भी रुला देती है, जहाँ बचपन ने कंचों की दुनिया रची थी। वो कच्चे मकान की मिट्टी, जो हाथ�
read more >>
गाँव – मेरा पहला प्यार
गाँव की गलियाँ, वो बचपन की बातें, माँ की ममता, दादी की सौगातें। बिलकुल कच्ची पर दिल से पक्की, वो मिट्टी की खुशबू, वो अमर बेल की लच्छी। त�
read more >>
गाँव – मेरी पहचान
वो मिट्टी की सौंधी ख़ुशबू, वो खेतों की राहें, जहाँ हर सुबह उम्मीदों की किरणें हैं चाहें। नदी के किनारे वो रेत की बिछौनी, जहाँ बचपन ने ल�
read more >>
आवाज है दिल की (प्रेम भक्ति)
आवाज है दिल की अब कुछ नया हो। तेरा मेरा सफर कुछ इस तरह बयां हो।। कोई सागर का मोती तू जैसे मै लहर बन किनारे लाऊं। अक्स तेरा यूँ जब चमके त
read more >>
झूट
देख रहां हु समझ रहां हु , हर इक इंसान झुटा हैं। झूट फरेब हर कोई करता सच का बस मुखोटा हैं।। झूट झट से पकड़ में आता मन मंदिर में कोई तोलें त�
read more >>
तेरी बेरुमहाई
तेरी बेरुमहाई ने बक्शा मुझे , इस्तकाब कबूल कर। काबिज न थी तू इतनी भी की ,अपना लेता इतनी बड़ी भूल कर।। शायद किसी दूसरे के कर्म फूटने को हे�
read more >>
हिंदी नववर्ष
नूतन जीवन सी कलियाँ चैत्र मास खिल जाती हे झड कर सारी पात पतैया नव रूप ले आती हे|| सूरज की चम् चम् में फिर नया ओज सा छाया हे धूमिल तप्�
read more >>
पल पल जीवन खत्म हो रहा
पल पल जीवन खत्म हो रहा तू क्यो करता फिर तेरी मेरी। चंद साँसों का जीवन घट में पता न कोनसी रात निबेरी ।। आहत होंगे रिश्ते नाते सब धरा य
read more >>
« Previous
Next »
Showing
625
to
636
of
6899
results
‹
1
2
...
50
51
52
53
54
55
56
...
574
575
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder