सजल सुजल सुप्रभात -
रवि से उज्ज्वल जगत ;
पुष्प खिले भू - आँचल में ,
भ्रमर गीत सुनाए बागाँचल में,
पूजा थाल सजाए थल में ,
रवि को अर्पण किया न� read more >>
सजल सुजल सुप्रभात -
रवि से उज्ज्वल जगत ;
पुष्प खिले भू - आँचल में ,
भ्रमर गीत सुनाए बागाँचल में,
पूजा थाल सजाए थल में ,
रवि को अर्पण किया न� read more >>
सूखे पत्तों की आहट से ,
मुझे याद तेरी आती है.
मन चंचल चित उपवन में,
इक महक सी छा जाती है,
मेरे दिल की गहराई से पूछो,
तुम्हें पाने की हसरत क� read more >>
*अनोखी विजय*
हम दोनों अनजान थे, परिचय की शुरुआत में,
जब पहली मुलाकात हुई थी, दिल की गहराई में।
न जाने क्यूँ और क्या था, जो हम पास आए थे,
एक read more >>
बंद दिलों के राज,किसे पता है?
टूटे दिलों की बात,किसे पता है?
दीवानगी का प्यार, किसे पता है?
प्यार का मान, किसे पता है?
सब कहते है साथ है,
कि read more >>