मेरा घमंड तोड़ दो,
बना लो अपना चरण दास,
मैं अन्यायी बन-बन दर-दर भटक रहा,
तेरी ओर तनिक न झाँक रहा,
मेरे दुष्कर्म को क्षमा कर,
बना ले मुझको अप read more >>
आगे बढ़ने की चाह !
और पीछे जा रहा है !!
आदम से आदमी !
आदमी से सभ्य !!
सभ्य से आदम !
हुआ जा रहा है !!
आदम का यह कारवां !
चांद पर जा रहा है !!
रफ़्� read more >>
हजारों लडकों को पागल किया है!
अपनी ही अदाओं पे घायल किया है!!
बेहतर होता अगर हम मोहब्बत से दूर रहते,
हम गधे सो ठहरे जो बातों में बहके!!
ऊ� read more >>
चाँद चांदनी को चाहता है जिस कदर,
उस कदर चाहूँ मैं तुझे।
मेरी एक ख्वाईश है कि बस,
या तू मेरी बन जा या अपना बना ले तू मुझे।
मुझे अच्छी तरह � read more >>
अर्पण कर दे, जिस पर सब कुछ,
ऐसी वो शक्ति है, देने वाली तू ही दातार,
देती तू भक्ति है,
कृपा तेरी जिस पर हो मैया,
मोक्ष उसे मिल जाता है,
करुण� read more >>
आता हूँ तेरे द्वारे ,एक आस निहारे,
शरण में ले, ले अपने शरणागत प्यारे,
कर्म, अकर्म का ज्ञान नहीं,
उचित, अनुचित का ध्यान नहीं,
छल, कपट का पहच read more >>
ऩजर को लगी ऩजर, दिखाई देते पर दोष।
खुद को तो मानता, गुण-रत्न का कोष।
दूसरों की उघाड़कर, खुद की ढकने का होश।
दूर की जलती सूझे, घर में जले तो read more >>