वो बचपन के भी क्या दिन थे
सब कुछ ठीक था वो दादा की छड़ी से खेलना दादी के चश्मे से खेलना सबकुछ ठीक था वो मम्मी की डांट खाना कितना अच्छा था स read more >>
सेनानी भारत वर्ष के ,
पग पीछे हटा सकते नहीं ।
है संजोया वीरों ने जो ,
मान घटा सकते नहीं ।
बंदिश में गर कोई दर्द दे ,
तो मातृभूमि के लिए हम � read more >>
प्यारी नन्ही तितली रानी , क्यों मुझसे नाराज हो
कुछ तो बोलो , कुछ तो सुनलो , क्यो तुम इतनी शांत हो
ऐसी भी क्या बात हुई , जो इतना गुस्सा हो म� read more >>