आज का युग बदला है, सोच नई हो गई,
पर मेहनत की राह अभी भी वही पुरानी है भाई।
सपने तो सब देखते हैं आसमान जितने ऊँचे,
पर बिना पसीना बहाए मिलते read more >>
सियासत ने कर दी है नफरत की दीवार इतनी ऊंची,
बचपन के दोस्त भी देख के अब राह बदलने लगे हैं,
कभी खाते थे दोस्ती की कसमें दिन-रात,
आज वो हमसे � read more >>