[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
समाजिक
Home
Sub-Categories
समाजिक
जैसी करनी वैसी भरनी
किसी को रुला कर भला कैसे खुश रह पाओगे हकीकत यही है जैसा बोओगे वैसा ही पाओगे
read more >>
मनुष्य एक है
🌺 मनुष्य एक है🌼 ब्राह्मण हो या शुद्र जन्म तुम्हारा एक है अच्छे कर्म कर मिलने वाला तुझे स्वर्ग है चंदन हो या कोई सामान्य वृक्ष की लकड�
read more >>
इंसानों के खूंखार चेहरों से डरते हैं अब
इंसानों के खूंखार चेहरों से डरते हैं अब जमीन पे फरिश्ते भी कम उतरते हैं अब उखड़ी सड़कों पर कभी निकलकर देखो कुत्ते बिल्ली की तरह लोग म
read more >>
rooh kabj kro,hatheli par jan ko utaro
रूह कब्ज करो,हथेली पे जान को उतारो रू ए जमीं पर कभी आसमान को उतारो हम अर्जी देकर थक चुके हैं अब तो कभी नक्शे कागज पर हमारे मकान को उतार�
read more >>
कविता, बड़े भाग्य से आये हो जग में।
बड़े भाग्य से आये हो जग में। कर लो कुछ तुम अच्छा काम। दिल जीतने का रखो तुम मकसद। एक दिन जग करेगा सम्मान। जग जीतने आया सिकंदर। वह भी ख�
read more >>
कविता, -सबसे बड़ी समस्या बेरोजगार।
सबसे बड़ी समस्या बेरोजगार। कैसे करे युवक भविष्य का निमार्ण। उनके राह मे कितने विडम्बना भरा। आजीविका के लिए संघर्ष बडा़। जो नही पढ�
read more >>
हे स्त्री ये दुनियां तुम्हारे लिए नहीं है
तुम्हारे लिए नहीं है हे स्त्री ये दुनिया तुम्हारे लिए नहीं है और ना ही महफूज है ये दुनिया तुम्हारे लिए आए दिन हर जगह दुष्कर्म होता �
read more >>
हार की जीत
स्वतंत्र चिड़िया ही बनाती है घोंसला बंद पिंजरे में तो बंद हो जाती है हौसला हारी कटी पतंग समझते हैं जिसको असर में स्वतंत्र उड़ चली मन�
read more >>
ये मेरा हक है
बड़े प्यार से, मां के गोद में, बैठे बैठे पूछा गीले बिस्तर पर क्यों सोती मुझे सुलाती सूखा तीखा तीखा लात मरता तुझको लगता मीठा खाना खाती म
read more >>
रूबरू ए जिंदगी
चेहरे से कहां पता चलता है कौन कैसा है, सब उसी का नाम लेते हैं जिसके पास पैसा है......
read more >>
नखरे हजार...
कभी नखरे हजार करके भी वो जिद पुरी नहीं हो पाती जो हम पूरे करना चाहते हैं, कभी नजरे सामने होकर के भी, वो नहीं देख पाती जो हम देखना चाहते ह�
read more >>
कविता, - वन महोत्सव
वन हमारे अमुल्य सम्पदा। जडी़ वुटि औषधि से भरा पड़ा। देश का है प्राकृतिक शोभा। हरा भरा ये बसुंधरा। वन से जीवन का निर्माण। पशु पक्षी
read more >>
« Previous
Next »
Showing
5449
to
5460
of
5647
results
‹
1
2
...
452
453
454
455
456
457
458
...
470
471
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder