[email protected]
Join Us:
Home
Category
कहानियाँ
कविताएँ
ग़ज़ल
गीत
शायरी
आलेख
महत्वपूर्ण सूचनाएँ
Topic
धार्मिक
राजनितिक
प्यार-महोब्बत
हास्य-व्यंग
बाल-साहित्य
समाजिक
देश-प्रेम
दुःखद
साहित्य लाइव सूचनाएँ
अन्य
Videos
Others
Search Articles
Latest Updates
Popular Articles
Testimonials
Video Tutorials
Winner List
How to publish articles
My Account
Login
Register New Account
Forgot Password
Login
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक
20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका
साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस
साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
समाजिक
Home
Sub-Categories
समाजिक
इक आशा-कुछ इस तरह से जिंदगी जीने की कोशिश
कुछ इस तरह से जिंदगी जीने की कोशिश की मैंने कुछ तुम्हारी कुछ अपनी कही बातों को भूलने की कोशिश की मैंने जहां तक हो सके जिंदगी जीने क�
read more >>
दुनिया रंग बिरंगी-इन रंगों के बाजार में कई रंग के होते हैं लोग
दुनिया है रंग बिरंगी इन रंगों के बाजार में कई रंग के होते हैं लोग ! मैंने देखा है !एक नहीं कई रंग बदल लेते हैं लोग! न जाने कैसे ? मैंने दे
read more >>
जिंदगी की दूसरी शुरुआत
कुछ बीस बसंत के बाद जीवन के दूसरे सफर की शुरुआत कुछ इस तरह से की मैंने मैं अपना घर छोड़कर किसी दूसरे के घर चल पड़ी नए घर में नए-नए रंग-बि
read more >>
चित्रकूट के राम-संतों का रक्षा किये और जगाये आस
#विधा:-दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" चित्रकूट के राम हैं,अद्भुत तुलसी दास। संतों का रक्षा किये,और जगाये आस ।। चित्रकूट के
read more >>
तेरी खुशी मेरी खुशी-तेरा गम मेरा गम
तेरी ख़ुशी मेरी ख़ुशी, तेरा गम मेरा गम, मेरे साथी मेरे हमदम मेरे साथी हमदम। मैं तेरी गलियों का दीवाना हूँ , तूँ एक नगीना है।
read more >>
मां और घर-परिवार की बंदिशों में दफन
मैने देखा उसकी आंखो में लोहे जैसी आग की तपन थी वही हर रोज खून का घूंट पीना मगर परिवार की बंदिशों में दफन थी
read more >>
खेत होगा खलिहान होगा -चौड़ी सड़कें घर आलिसान होगा
काव्य रचना - ना कोई इंसान होगा सूरज होगा चांद होगा ये धरा और आसमान भी होगा, पर्वत होगा श्मशान होगा पर मुझे लगता है ये इंसान न होगा। खे
read more >>
करते नहीं विचार जो-उल्टे सीधे काम से
#विधा:-मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" करते नहीं विचार जो,उसे बुद्धि है भ्रष्ट। उल्टे सीधे काम से,करे प्रगति को नष्ट। और गँवा�
read more >>
अपने को जो मानते-करता दृढ़ किरदार
#विधा:-मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" अपने को जो मानते,लगते हैं दिलदार। ऐसा दिल अब है लगा,करता दृढ़ किरदार। ऐसे दृढ़ किरदा�
read more >>
माया जोड़ी रात दिन-सबल किया परिवार को
#विधा:- मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" माया जोड़ी रात दिन,लिया बहुत ही दर्द। सबल किया परिवार को,बना रहा दृढ़ मर्द। हँसकर आगे को
read more >>
जलता दीपक आस का-हृदय चाहता खास
#विधा:_मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" जलता दीपक आस का,हृदय चाहता खास। लब से निकले प्रेम ही,मिटे सभी की प्यास। सफल भव्य किरदार स
read more >>
औजार-जिसके सहारे बना दूं कोई नवीन किस्सा
औजार को भी बना लूं अपना हिस्सा, जिसके सहारे बना दूं कोई नवीन किस्सा। जिसे सुनकर लोगों में खूब जोश जगे, फिर हर मुश्किल आसान ही आसान लगे।
read more >>
« Previous
Next »
Showing
1081
to
1092
of
5535
results
‹
1
2
...
88
89
90
91
92
93
94
...
461
462
›
Join Us:
© 2026 |
Sahity Live
®
| All Right Reserved.
A product of
DishaLive™ Group
| Digital Partner:
MyDL.in Website Builder