रोती छत-सिसकता फर्श
उस घर की टपकती छत ने,
घर के फर्श से कहा होगा-
कि माफ़ करना, हालत अभी बुरी है।
घर के गीले फर्श ने,
हँसते हूए कह दिया हो read more >>
काँच ,बिखरे ,शहर ,
मैं,लहू का अरमान कहां,से लाऊं,
दोषी ,के पैरों में है ,धूप,।
मगर ,अंधा इस देश का कानून ,
मैं, आसमान कहां,से लाऊं,
बहुत,करीब स read more >>
एक पत्नी ने मरते वक़्त एक सच अपने पति को बता दिया बताया कि मैं तो पगली थी जो आपसे लड़ा करती थी बात- बात पर रूठा करती थी पर वो सब फिजूल थी सच read more >>