कविता = (अखण्ड भारत )
हिंदी तब मातृभाषा कहलाएगी !
जब हिंदी घर-घर पूजी जाएगी !!
सरकारी महकमों में हिंदी !
जब लिखी बोली जाएगी !!
भाषाओं की तु� read more >>
कभी तुम से_
तो कभी अपने आप से
दिल की गहराई से,
मिला करतें हैं!
हर रोज,
वनाया करतें हैं
सपनों का महल,
हर रोज गिराया करतें है!
यू.एस.बरी
ग्� read more >>