Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
#विधा:_रोला छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" माँ का प्यार दुलार,सदा कायम रहता है। खुद पर हो विश्वास,उसे सबकुछ मिलता है। प्राण समर में या read more >>
#विधा:_कुंडलिया छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" सुन ले मेरा अर्ज अब, जीवन कर गुलजार। अपनों के साथ है,माँ का प्यार दुलार।। माँ का प्यार द read more >>
#विधा:_दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" अपनों के ही साथ है,माँ का प्यार दुलार। सुन ले मेरा अर्ज अब,जीवन कर गुलजार।। कभी कभी नीरस ल� read more >>
#विधा:_मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" रोक सके तो रोक ले,मस्त अटल हम फौज। प्यार भरा उपहार से,देने आया मौज। लेने आया दर्द को,मेरा � read more >>
संविधान बदलने की तुम सोचो सोच आपकी तो लाजबाव है क्या तुम भूले बैठे हैं सबको करोड़ों की आत्मा का सवाल है चंद्रशेखर अभिषेक जाटव सतपाल � read more >>
श्राद्ध करो खूब करो यकीन आपको पूरा है। मिल गई मुक्ति पूर्वजों को ये विश्वास अधूरा है।। खीर बनाई पूरी बनाई और बने नए पकवान है पता सभी क� read more >>
एक श्येन हो सयाना, उड़ा पारापार। इठलाता, बल खाता, देखा विक्ष पसार। चिड़ी बावली, खेत खोखला, उपजे उपज़ हज़ार । सरसर- सरसर पर फैलाए, चीरे � read more >>
दुनियाँ के रंगीन जो हैं नजारे, जो देते हैं हमें बेहिसाब बहारें। नाना प्रकार की वस्तुएं मेरे लिए, कुदरती सम्पदा है मेरे लिए। ये सारे � read more >>
"जनाब- अद्भुत अचरज देखा हमने"! "ए-तमाम- मंदिर-मस्जिद-चर्च हमने"! "ईश प्रेम में- श्रद्धा और भक्ति को देखा"!! "हमने- सिर्फ मानव मात्र को दे� read more >>
एक लेखक का जीवन भी, बड़ा कठिन होता है । न कोई, साथ देता है, न कोई, काम देता है। मेहनत कर लो, चाहे कितनी ही, जेबें खाली, रह जाती हैं। उसके हि� read more >>
क्यूं गांव खाली, रह गए, जंगल वीरान, रह गए। हंसी गूंजती थी, जिन आंगन में, क्यूं वो सुनसान, रह गए। कोई तो रोके, पलायन को, बचाने हमारी, जड़ों � read more >>
चलत्तें हैं राह मंज़ील को राहीं, स्पनों का नगर बनाने को! स्पनें पलत्तें उन नैनों में, ज़ो ज़गत्तें विश्व ज़गानें को!! निद्रा क� read more >>
Join Us: