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करते नहीं विचार जो-करते कुछ भी काम
#विधा:-दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" करते नहीं विचार जो,करते कुछ भी काम। आये जब परिणाम तो,लगता उसे लगाम।। करते नहीं विचार जो,औ
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उजला तन किस काम का-काला जब हो सोच
#विधा:-दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" उजला तन किस काम का,काला जब हो सोच। ऐसे जन सब ही यहाँ,करते रहते नोच।। उजला तन किस काम का,जिसक
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करते नहीं विचार जो-उसे बुद्धि है भ्रष्ट
#विधा:-मुक्तक छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" करते नहीं विचार जो,उसे बुद्धि है भ्रष्ट। उल्टे सीधे काम से,करे प्रगति को नष्ट। और गँवा�
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करते नहीं विचार जो-रहे सदा बेरंग
#विधा:-दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" करते नहीं विचार जो,करते कुछ भी काम। आये जब परिणाम तो,लगता उसे लगाम।। करते नहीं विचार जो,औ
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क्या कहूं आज मैं आप से- डरता मैं हूं बहुत पाप से
क्या कहूं आज मैं आप से। डरता मैं हूं बहुत पाप से। मैं प्यार का एक मस्त राही- डरूं नहीं कद की नाप से । (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिं�
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मंज़ूरी-तुम्हारी मुस्कुराहट में तुम्हारी मजबूरी नज़र आती है
"मंज़ूरी" "हमें तुम में तुम्हारी मजबूरी नज़र आती है,तुम्हारी मुस्कुराहट में तुम्हारी मजबूरी नज़र आती है,जब भी तुम्हारे ज़िस्म को छूना
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इक आशा-कुछ इस तरह से जिंदगी जीने की कोशिश
कुछ इस तरह से जिंदगी जीने की कोशिश की मैंने कुछ तुम्हारी कुछ अपनी कही बातों को भूलने की कोशिश की मैंने जहां तक हो सके जिंदगी जीने क�
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दुनिया रंग बिरंगी-इन रंगों के बाजार में कई रंग के होते हैं लोग
दुनिया है रंग बिरंगी इन रंगों के बाजार में कई रंग के होते हैं लोग ! मैंने देखा है !एक नहीं कई रंग बदल लेते हैं लोग! न जाने कैसे ? मैंने दे
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जिंदगी की दूसरी शुरुआत
कुछ बीस बसंत के बाद जीवन के दूसरे सफर की शुरुआत कुछ इस तरह से की मैंने मैं अपना घर छोड़कर किसी दूसरे के घर चल पड़ी नए घर में नए-नए रंग-बि
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चित्रकूट के राम-संतों का रक्षा किये और जगाये आस
#विधा:-दोहा छंद #"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत" चित्रकूट के राम हैं,अद्भुत तुलसी दास। संतों का रक्षा किये,और जगाये आस ।। चित्रकूट के
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तेरी खुशी मेरी खुशी-तेरा गम मेरा गम
तेरी ख़ुशी मेरी ख़ुशी, तेरा गम मेरा गम, मेरे साथी मेरे हमदम मेरे साथी हमदम। मैं तेरी गलियों का दीवाना हूँ , तूँ एक नगीना है।
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मां और घर-परिवार की बंदिशों में दफन
मैने देखा उसकी आंखो में लोहे जैसी आग की तपन थी वही हर रोज खून का घूंट पीना मगर परिवार की बंदिशों में दफन थी
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