#विधा:_दोहा छंद
#"सृजन समीक्षार्थ प्रस्तुत"
आता है सच सामने,मंथन जब हो तेज।
और दूध का दूध हो,मन में हो अंगेज।।
आता है सच सामने,वक्त रहे अ� read more >>
नमस्ते दोस्तों 🙏🙏
कहते हैं दोस्तों ! मां-बाप की असली खुशियां उनके बच्चे में होती है ! उनकी मुस्कान , सफलता , तरक्की में होती है ....
पर क्य read more >>
बचपन के वह दिन याद आते हैं, रामलीला देखने की खुशी जब हम बर्दाश्त नहीं कर पाते थे, आज के बच्चे रामलीला देखने क्यों नहीं जाते हैं, टीवी मोब� read more >>
अध सच है,
आधा खाली है गिलास।
पूरा सच है,
आधा भरा, कहता कोई काश।
मिलता है हार का हार,
हार जाता हूं करते प्रयास।
पूरा सच है,
प्रयास में, कमी read more >>