जब लिया ठान है ही मन में , तो बस रास्तों को देख लो , सब फाँसलों को छोड़ दो ,
दिल में बैठी शंका है कैसी , ललाट पे ये भय है कैसा ,
मन में तुम धीरज र� read more >>
गिरे हैं तो क्या है संभल जाएंगे.....
हौंसले पस्त नही हमारे .......
मालूम है जंग का हुनर हमें लौटकर फिर आएंगे .......
लोग जो गा रहे हैं कहानी हार की � read more >>
आज माँ बहुत उदास थी। एक तरफ इकलौती पोती की शादी थी दुसरी तरफ बेटे ने ऐसा कह दिया था जिसकी कभी आशा नहीं की थी। मेरे पापा दो भाई थे। दादा जी read more >>
सर से उठा जब पिता का साया !
क़ीमत उनकी तब जान पाया !!
छीन गई जब पिता की गोदी !
शहंशाही अपनी मैनें खो दी !!
राजपाठ अपना सारा गंवाया !
शहंशाह� read more >>