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हमको जो कहते हो तुम , क्यों पीते हो हाला , पुरखे भी पीते थे ,तेरे दीवाने थे मधुशाला । नये नये है हम , ह� read more >>
@असली शिक्षित तो जिंदगी करती है हमें, जो व्यवहार हम करते हैं वह हमें शिक्षा सिखाती है...!! read more >>
ज़मीं पर बैठ, कभी चलती, कभी फुदकती है। कभी खा़मोश, कभी खालसा- सा गाती, कहां सुनती है? कभी फुर- फुर फुरती में। कभी सघन में सघन ढूंढ़ती है read more >>
तेरे फसलों को कबूल करते-करते अब दिल की चाहत खत्म हो गई। ना मालूम क्यों.......... पर अब राहत खत्म हो गई ।। read more >>
एक सच्चा झुठ तेरा ...... तुझे बेपर्दा क्या.....करता ? दर्द के उन पलों की औकात में एक तेरा ही चेहरा देख रहें थे .......हम । read more >>
दौलत ही दौलत बिखरी है । रास्तों पे, खूबसूरत एक निर्माण और होगा चाहत की वसीयत पे . क्या लिखु......? अपनी मुहोबत की सुंदरता जानती हो तुम.. ....... read more >>
नारी के सब रूप को,वंदन बारंबार जो करती सद्कर्म से, दोनों कुल उंजियार दोनों कुल उंजियार,सती श्री वीणा पाणी ममता करुणा मूर्ति, जगत की है read more >>
हाथ की लकीरों में खज़ाने होते । तों मुकद्दर की क्या बिसात थी ।। हर कोई शहंशाह होता !! दुनियां में मेहनत पे ....... यकीन करने वालों की क्या औ� read more >>
हुस्न वाले हुस्न तराशते है ।। दौलत वाले दौलत तलाशते है । सिकन्दर के जहां में..........! समुद्र में रहने वाले भी प्यास जानते हैं ।। read more >>
जब तक खामोशी तेरी ये कुछ ना कहेंगी समझ.......!! तब तक बन्दा ये तेरी मुस्कान देखता रहेगा । । read more >>
नगरों की गलियों गलियों में , मैंने ढूढ़ा तुमको मधु शाला बसती हो तुम जहाँ पर , तेरे ही दीवाने है मधुशाला तु� read more >>
तब तुम पसन्द थे । या तुम्हारी , रूह पसन्द थी ।। मुहोबत,के उस मीठे अहसास का सच आजतक कुछ पता नहीं..........??? read more >>
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