अजुबा है जिंदगी
,,,,,, प्रतिभा खडेकार
एक पल चलना,दो पल गिरना
अजुबा है जिंदगी...
एक पल उठना, दो पल सोना
अजुबा है जिंदगी...
एक पल हसना, दो � read more >>
**"ज़ख्म का शोर"**
ये शहर के कोने, ये गलियों का अंधेरा,
जहाँ इंसानियत रोज़ मरती है, बिखरता है बसेरा,
बलात्कार की खबर, हत्या की दास्तान,
र� read more >>