तुमने ज़ख़्म दिए हैं जितने, सहकर भी बस प्यार किया,
तुमने झूठे वादे तोड़े, हमने तो ऐतबार किया।
छोड़ गए तुम बीच सफर में, रोते हुए इस पागल � read more >>
अरे दिल के किसी कोने में आँसू है या पानी, ये कोई तो बताए मुझे!
इस टूटते हुए रिश्ते में प्यार है या दिखावा, सच कोई तो समझाए मुझे!
इस बेदर्� read more >>
[Intro — धीमा, गंभीर]
जब सच की आवाज़ दबाई जाए,
जब हक़ की राह रुकाई जाए,
जब अन्याय सामने आ जाए—
तो ख़ामोश रहना कैसा?
उठो...!
[Verse 1 — धीरे-धीरे जोश ब� read more >>