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लाल डोरी से रीत बनी है ऐसी प्रीत मेरी दहलीज पर आज आ खडी है।। read more >>
चंगे भाग खोलना मेरे मालका मेरे वीरे दी प्रीत दा थोड़ा ख्याल कर मेरे मालका ।। read more >>
नाज को साज मिले ऐसे ही कलाई हर पल मुझसे मिले।। read more >>
खामियां ढूंढने वाले तो हर हसीं चीज़ में खामी ढूंढ ही लेंगे, किसी की असली खूबसूरती जाननी हो अगर, तो उन आंखों से पूछो जो खामियों में भी ख� read more >>
मैं कोई बड़ा साहित्यकार नहीं, जो हीरे-जवाहरात के बदले चमकते हुए शब्द खरीद लाऊंगा। मैं तो कमज़ोरों लाचारों की पीड़ा महसूस करने वाला छ� read more >>
खुदा थोड़ा रहम फरमाए कोई बंद दरवाजा मेरे लिए खुलवाए ।। read more >>
कितने सुंदर बादल नीले, अम्बर में खिले फुल रंगीलें। कभी वर्षा, कभी वसंत आएं, प्रकृति की ये छटा बिखेरें।। मयूर सुंदर नृत्य करे कोयल मध� read more >>
जीवन के हर मोड़ पर, हो भैया साथ तेरा। दिया वचन है आपने ऐसा, कि करेंगे, मेरी रक्षा हमेशा मैं ठहरी आपकी छोटी बहना, बांधा करती राखी हमेशा� read more >>
ढलती शाम मेरे शहर को भी आबाद कर इस बार मेरा थोड़ा ख्याल तो कर ।। read more >>
बारिश की बूँदे फिर उलझन मे है खुदा जाने अब की बार कौन सी सुलझन में है।। read more >>
प्रीति है इस जहाँ से प्रेम और श्रद्धा भी है निर्मल हृदय मचल_ मचल कह रहा है थोड़ा और जीने दे मुझे l सुन्दर चरित्र और भारत वर्ष read more >>
प्रेम है पूजा प्रेम है पूजा हर प्रेमी का प्रेम है पूजा। यही है अर्पण यही समर्पण यही है अर्पण यही समर्पण यहाॅं नहीं कुछ और दूजा प read more >>
मैला नहीं, किताब उठाओ दलित के घर पैदा होना कोई गुनाह नहीं है, गुनाह तो तब है जब सदियों से थोपा गया काम अपनी किस्मत मान लो। कब तक उठाते र read more >>
उस वक्त न टेलीविजन, न फोन हुआ करते थे| बचपन वो कुछ खास रहा होगा तुम खुद अंदाज लगा लो इस बात का, क्या क्या खास रहा होगा| चढ़ जाया करते थे बच� read more >>
शीर्षक: हाँ, मैं हिन्दी हूँ भारत मां का स्वाभिमान हूँ, संस्कृति की पहचान हूँ, घर-घर की आवाज़ हूँ, हाँ, मैं हिन्दी हूँ। परियों की कहान read more >>
शीर्षक : सब्जी मंडी की राजनीति शहर की सब्जी मंडी जहां रोज बहुत हलचल रहता था आज बिल्कूल शांत हैं I सब्जी मंडी का मुख्य द्वार बंद कर दिय� read more >>
સળગતા પ્રશ્નોની રાખે શહેર ઢાંક્યું છે, રાખ નીચે છતાં કોઈ અંગારો બાકી છે. સિંહાસનની છાયામાં માથાં ઘણાં નમ્યાં છે, અંધારા દરબારમાં એક read more >>
शीर्षक :अच्छे अंकल गगन जिला मुख्यालय में रहकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा था I जहाँ वह रहता था उस जगह बहुत सारे छात्र रहते थ read more >>
खुदा फिर कोई कहर बरसा ऐतबार का शहर मेरा भी बसा ।। read more >>
[A0] Ha Get gone now Midnight on the move Ha ​[B1] Water pools on slick black stone Watch the shadow move alone Heavy clouds across the sky Watch the minutes slipping by Pacing fast without a sound Footsteps echoing all around Hustle down the narrow lane Feel the chill of falling rain Chasing something out of sight Deep inside the read more >>
कृष्ण कौनथे? महाभारत का कुरुक्षेत्र हजारों वर्ष पहले समाप्त हो गया, लेकिन लगता है कि कृष्ण को लेकर एक नया कुरुक्षेत्र आज सोशल मीडिया � read more >>
बिरसा मुंडा झारखंड की शान धरती आबा जिसका नाम लड़े जंग और किया उलगुलान बने आदिवासियों की पहचान।। राज्य के लिए किया बलिदान है अद्भुत � read more >>
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