श्रेणी: भावनात्मक कहानी | परिवार | माँ का प्यार
कभी-कभी ज़िंदगी हमें इतनी दूर ले जाती है कि हम उन लोगों को ही पीछे छोड़ देते हैं, जिनकी उ� read more >>
तेरी हँसी से मेरी सुबह हो,
तेरी बातों से हर शाम हो,
मेरी हर धड़कन में तू ही रहे,
मेरे होंठों पर तेरा नाम हो। ❤️
तू पास हो तो हर पल ख़ास लग� read more >>
“आज़ादी का अमर प्रहरी"
वर्ष 1906 में भारत माँ के एक वीर ने जन्म लिया, बचपन से ही मन में अपने आज़ादी का सपना लिया।
कभी न गुलामी की मानसिकता read more >>
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*गीत - पगवा वे..
*[मुखड़ा - धीमी लय में]*
बस्ते हैं मिलते-जुलते,
ना जाने कितने ग़म बुझा पीछे,
कितना सफ़र बाटा हमने,
साथ में, साथ में...
*[अंत read more >>